- भाव का प्रकार
- पणफर
- स्वाभाविक राशि / स्वामी
- वृश्चिक / मंगल, आधुनिक: प्लूटो (यम)
मुख्य विषय: साझा धन, विरासत, कर्ज़, संकट, गहरा रूपांतरण, अंतरंगता
आठवाँ भाव दूसरे भाव के सामने है: दूसरा अगर आपका अपना संसाधन है, तो आठवाँ साझा संसाधन है। जीवनसाथी की आय, संयुक्त खाता, लोन, कर्ज़, विरासत और कर, सब यहीं आते हैं।
इसकी दूसरी परत मनोवैज्ञानिक है: इसका संबंध संकट, हानि और ऐसे बदलाव से है जिससे लौटा नहीं जा सकता। शास्त्रीय ग्रंथों में यह भारी भाव है; आधुनिक पाठ में इसे गहराई और पुनर्जन्म का भाव माना जाता है।
यौनता भी इसी भाव से जुड़ती है, पर पाँचवें भाव के फ़्लर्ट से इसका अंतर यह है कि यहाँ के रिश्ते में परस्पर भावनात्मक खुलापन और संसाधनों का बँटवारा शामिल होता है।
भाव खाली हो तो
इसका खाली होना आम बात है, और इसे न अच्छा संकेत माना जाता है, न बुरा।
अन्य भाव
- पहला भाव · स्वयं और बाहरी रूप
- दूसरा भाव · धन और मूल्य
- तीसरा भाव · बुद्धि और निकट परिवेश
- चौथा भाव · जड़ें और घर
- पाँचवाँ भाव · सृजन और आनंद
- छठा भाव · काम और दिनचर्या
- सातवाँ भाव · साझेदारी
- नौवाँ भाव · अर्थ और दूर का संसार
- दसवाँ भाव · करियर और सार्वजनिक छवि
- ग्यारहवाँ भाव · समुदाय और भविष्य
- बारहवाँ भाव · एकांत और अवचेतन